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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि साइबेरिया स्थित एक रूसी प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की कर्मचारी की मौत का किसी जैविक हथियार से संबंध प्रतीत नहीं होता। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका मामले पर नजर बनाए हुए है और रूस से अधिक जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है। रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में स्थित एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की 28 वर्षीय कर्मचारी दरिया शिपिलोवा की पिछले सप्ताह अज्ञात कारण वाली निमोनिया से मौत हो गई थी। इसके बाद करीब 200 लोगों को निगरानी और क्वारंटीन में रखा गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई।
रूसी स्वास्थ्य एजेंसी रोस्पोट्रेबनाडजोर ने कहा है कि जांच में मृत कर्मचारी के संपर्क में आए लोगों में प्लेग या किसी अन्य खतरनाक रोगजनक की पुष्टि नहीं हुई। एजेंसी के मुताबिक, करीब 5,000 प्रयोगशाला परीक्षण किए गए और अब तक महामारी का कोई खतरा सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी फिलहाल सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को कम आंका है, हालांकि उसने रूस से घटना के बारे में अधिक जानकारी मांगी है।
अमेरिका ने मांगी अधिक जानकारी
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूस से घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और यदि जरूरत पड़ी तो सहायता उपलब्ध कराने के विकल्प मौजूद हैं। ट्रंप ने भी सोमवार को कहा था कि अमेरिका रूस की मदद के लिए तैयार है। उन्होंने इस बीमारी को गंभीर बताते हुए कहा था कि ऐसी स्थिति में अमेरिका सहयोग करने को तैयार रहेगा।
रूस ने लैब हादसे से किया इनकार
रूसी अधिकारियों ने किसी लैब दुर्घटना या कर्मचारी की मौत का उसके काम से सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि महिला की मौत अज्ञात कारण वाली निमोनिया से हुई और जांच में उसके संपर्क में आए लोगों में प्लेग नहीं मिला।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मीडिया में चल रही कई रिपोर्टों को गलत बताते हुए लोगों से आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसियों की जानकारी पर भरोसा करने को कहा है। रूस का कहना है कि उसने विश्व स्वास्थ्य संगठन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामले की जानकारी दी है। फिलहाल कर्मचारी की मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं और उपलब्ध वैज्ञानिक जांच में अब तक किसी जैविक हथियार से संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
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